कोटद्वार में 10 साल की मासूम बच्ची से ब्लात्कार हत्या पर देहरादून के गांधी पार्क में दिए जला कर की प्रार्थना



 देहरादून के प्रबुद्ध नागरिक आज गांधी पार्क में गांधी जी की प्रतिमा के नीचे एकत्रित हुवे। कोटद्वार की आराधना के लिए दिए जला कर नमन किया गया। आराधना के लिए 2 मिनट का मौन भी रखा गया। बढ़ती महिला हिंसा के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई - 
 आराधना हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिंदा हैं, आराधना को न्याय दो न्याय दो..


ज्ञात हो कि उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में दिल दहला देने वाली घटना में एक 10 साल की बच्ची को 2 समोसे का लसलच दे कर बुलाया फिर ब्लात्कार के बाद हत्या कर बच्ची के टुकड़े कर पन्नी में भर कर फेंक दिया। जिसे कुत्तों ने खा लिया। बच्ची के सिर्फ कंकाल ही मील पाए थे।



वक्ताओं ने कहा कि रामपुर तिराहे पर महिलाओं ने अपना बलिदान इस लिए नहीं दिया था कि नोकरशाह, शासन, प्रशासन, सरकार जनता से मुह फेर ले। गांधी जी ने देश के लिए बलिदान दिया, आज अगस्त क्रांति दिवस भी है, क्या यही है आजादी जहां 10 साल की बच्चियों महिलाओं के साथ जघन्य अपराध बढ़ते जा रहे हैं, समझ नहीं आता कि सरकारें और समाज कब सुध लेगा।


आज की प्रार्थना में देहरादून के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ ही किशोर उपाध्यक्ष, डॉ आर पी रतूड़ी, गरिमा दसौनी, शांति रावत, रेनु नेगी, परिणीता बडौनी, सावित्री थापा, संजय भट्ट, याकूब सिद्दीकी, राजेश चमोली, शिवम चमोली, मोहन काला, अमरजीत सिंह, प्रेम बहुखंडी, विशाल मौर्य, सुलेमान अली, नेमचंद, गुल मोहमद, सुरेंद्र रांगड़, विजय भट्ट, आदि प्रमुख रूप से थे।


 उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में दिल दहला देने वाली घटना जिसमें एक 10 साल की बच्ची को समोसे का लसलच दे कर बुलाया फिर ब्लात्कार के बाद हत्या कर बच्ची के टुकड़े कर पन्नी में भर कर फेंक दिया। जिसे कुत्तों ने खा लिया। बच्ची के सिर्फ कंकाल ही मील पाए थे।