ब्लड बैंक की हर संभव सहायता करेगा हंस फाउंडेशन-माता मंगला 

: उत्तराखंड के एक मात्र स्वयं सेवी ब्लड बैंक आईएमए ब्लड बैंक को एक हाई टैक एम्बुलेंस व ब्लड बैंक के ऑडिटोरियम के निर्माण के साथ साथ ब्लड बैंक के संचालन के लिए हंस फाउंडेशन हर प्रकार से सहयोग करेगा , उक्त घोषणा आज आईएमए ब्लड बैंक द्वारा आयोजित सम्मान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में हंस फाउंडेशन की संस्थापक माता मंगला जी ने कही। उन्होंने ब्लड बैंक की स्थापना और उसके उद्देश्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि किसी भी बीमार व्यक्ति को अपने शरीर का रक्त दान करना सबसे बड़ा दान है। उन्होंने कहा कि आईएमए ब्लड बैंक ने उत्तराखंड के पहले ब्लड बैंक की स्थापना करके पूरे राज्य में एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। हंस फाउंडेशन के क्रियाकलापों के बारे में प्रकाश डालते हुए माता मंगला जी ने कहा कि सतपुली में फाउंडेशन द्वारा जिस हॉस्पिटल की स्थापना की है उसमें अब तक चार वर्षों में दो लाख से ज्यादा लोगों ने उपचार करवाया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में फाउंडेशन ने पूरे राज्य व देश भर के 23 प्रांतों में निस्वार्थ सेवा की है। 
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि देव भूमि मानव संसाधन विकास समिति एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि हंस फाउंडेशन ने मात्र दस वर्षों में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रतिभावान व जरूरतमंदों की जितनी सहायता करी है उतनी आज तक किसी अन्य संस्था ने नहीं की। उन्होंने कहा कि आईएमए ब्लड बैंक देहरादून ही नहीं बल्कि राज्य का एक मात्र ऐसा ब्लड बैंक है जो बिना लाभ के काम करता है। इस अवसर पर ब्लड बैंक की गवर्निंग बॉडी की ओर से भोले जी महाराज माता मंगला जी व श्री सूर्यकांत धस्माना को शाल पहना कर व स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर आईएमए ब्लड बैंक के अध्यक्ष डॉक्टर आरएन सिंह, उपाध्यक्ष डॉक्टर अजय खन्ना, सचिव डॉक्टर डीडी चौधरी डॉक्टर बीएस जज , डॉक्टर हरीश कोहली, डॉक्टर जी ऐस सेठी , डॉक्टर संजय उप्रेती, डॉक्टर मनीष शर्मा ने भी अपने विचार रक्खे।