दरगाह वी आई पी रूम में रखे दानपात्र की सील खोलकर प्रबंधक व स्टाफ ने धनराशि पर किया हाथ साफ


दरगाह साबिर पाक कार्यालय आजकल भ्र्ष्टाचार में आकंठ तक डूबता हुआ दिखाई दे रहा है।मजेदार बात यह है कि कार्यालय पर तैनात प्रबंधक व स्टाफ को जिला अधिकारी व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का भी कोई खोफ नही रहा है।क्योंकि लगभग एक माह पूर्व नियम विरुद्ध ख़दीम की नियुक्ति में बड़ा हेरफेर कर अवैध धन उगाही की गयी ओर बाद में उक्त फाइल को ही दरगाह कार्यालय से गुम बताकर उस कर्मचारी ने गुमशुदगी थाना पर लिखवाई जिसने 13/08/019 को स्वयम दरगाह कार्यालय से रिसिवड की हुई थी ।उक्त गुमशुदगी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के एफ आर आई दर्ज कराने के आदेश पर भी कोई कार्यवाही थाना पुलिस आज तक नही बढ़ा पायी है।अब नया मामला दरगाह कार्यालय के वी आई पी रूम में प्रबंधक द्वारा  नियम विरुद्ध दानपात्रों को रखवाकर उनकी सील तोड़े जाने के मामले में पूरे क्षेत्र में चर्चा व्याप्त हो रही है।प्रत्यक्षदर्शी लोगो का कहना है कि जब पूर्व से ही भरे हुवे दानपात्रों को रखने के लिये जगह निश्चित की हुई है ओर तहसीलदार की मौजूदगी में सभी भरे हुवे दानपात्रों को स्ट्रांग रूम में रखने की व्यवस्था अधिकारियों द्वारा की हुई है तो दरगाह प्रबंधक व स्टाफ ने उक्त दानपात्र क्यों वी आई पी रूम में रखवाए गए है।जिससे साफ होता है कि प्रबंधक व स्टाफ की नियत में खोट के कारण ही ऐसा जानबूझकर किया गया है ताकि उक्त दानपात्र से धनराशि निकली जा सके।तहसील प्रशासन के अधिकारी भी उक्त दानपात्र को देखकर उस समय दंग रह गये जब रखे गये स्थान पर विंडो पर लटका हुआ पर्दा सील दानपत्र के अंदर दबा हुआ पाया गया।तुरन्त ही तहसील कर्मियों ने अधिकारियों को इस सम्बन्ध में सूचना देकर अवगत कराया गया।तहसील प्रशासन ने उक्त वी आई पी रूम पर ताले लगाकर बन्द कर दिया है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की नमामि बंसल का कहना है कि इस समबंध में तहसील प्रशासन से  जानकारी मिली है कि दरगाह वी आई पी रूम में रखे दानपात्र में अंदर पर्दा सील किया हुआ है।उन्होंने पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात भी की है,उन्होंने कहा कि आज बैंक बन्द होने के कारण गिनती की कार्यवाही रोकी गयी है,आगामी दो दिन बाद वीडियो ग्राफी कराकर पर्दा सील की गयी गुल्लक की गिनती की जाएगी ओर जांच कर  कार्यवाही जरूर अमल में लायी जाएगी।