गैरसैण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री का एक दिवसीय आंदोलन राजनीतिक शिगूफ़ा

भाजपा ने पूर्व मुख्य मंत्री श्री हरीश रावत द्वारा गैरसैण में शीत क़ालीन सत्र कोलेकर  धरना देने की घोषणा को राजनीतिक शिगूफ़ा बताया है और कहा है कि शीतक़ालीन सत्र देहरादून में करने का निर्णय सामूहिक है और इसमें कांग्रेस व नेता प्रतिपक्ष की भी सहमति है । भाजपा ने टी एच डी सी को लेकर कांग्रेस के आंदोलन को भी औचित्यहीन बताया ।
    भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ देवेंद्र भसीन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत गैरसैण में शीतकालीन सत्र को लेकर जो बयान दे रहे हैं व धरने की घोषणा कर रहे हैं वे आश्चर्य जनक होने के साथ कांग्रेस व कांग्रेस की नेता, नेता प्रतिपक्ष के भी ख़िलाफ़ हैं । क्योंकि ग़ैरसैण में शीतकालीन सत्र आयोजित न करने का निर्णय अकेले मुख्यमंत्री जी व भाजपा का नहीं हैं अपितु कांग्रेस भी इस निर्णय में शामिल है। नेता प्रतिपक्ष श्रीमती इंदिरा ह्रिदयेश की भी इसमें सहमति है। ऐसे में श्री हरीश रावत का बयान अपनी ही पार्टी व उसके नेताओं के ख़िलाफ़ है । उन्होंने कहा कि इससे साफ़ है कि कांग्रेस बुरी तरह बिखरी हुई है और इसके नेता अपनी खिसक चुकी ज़मीन को पाने के लिए इतने बेताब हैं कि वे जनता को भ्रमित करने के लिए कुछ भी मनमानी कर रहे हैं।
   डॉ भसीन ने कहा कि ग़ैरसेण में वर्तमान 
में शीतकाल को देखते हुए अवस्थापनाओं की कमी है । क्योंकि सवाल मंत्रियों व विधायकों के रहने का ही नहीं है ।बल्कि विधानसभा सत्र के लिए बड़ी संख्या में अधिकारी , कर्मचारी , सुरक्षा बल , चालको आदि भी जाना होता है और सरकार को सभी का ध्यान रखना होता है ।
   उन्होंने कहा कांग्रेस के एक गुट द्वारा टी एच डी सी को लेकर जो आंदोलन किया जा रहा है वह भी जनता को भ्रमित करने की कोशिश है । क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा अपने शेयर केंद्र सरकार के ही बड़े उपक्रम एन टी पी सी को बेचे जा रहे हैं।इससे उत्तराखंड का कोई नुक़सान न होकर उल्टा लाभ होगा और कर्मचारियों को भी अंततः फ़ायदा मिलेगा।लेकिन कांग्रेस की आदत केवल विरोध करने की रह गई है।