उत्तराखंड क्रान्ति दल ने गढ़वाली जी की जयंती पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 उत्तराखंड क्रान्ति दल द्वारा पेशावर कांड के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी ने कहा कि पौडी जनपद के मासी ग्राम में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी का जन्म 25 दिसम्बर 1891 में हुआ।पेशावर कांड  जब रॉयल गढ़वाल राइफल के हवलदार मेजर चंद्र सिंह ने निहत्ये पठानों पर गोली चलाने से अंग्रेज अफसर का आदेश नही माना यही से चंद्र सिंह  हिंदुस्तान के इतिहास में कोहिनूर बन गए।यही से उन्हें वीर चंद्र सिंह गढ़वाली नाम से जाना गया।देश की आजादी के आंदोलन में गढ़वाली ने महात्मा गांधी जी से लेकर पंडित जवाहर लाल नेहरू जी के साथ काम किया। सुनील ध्यानी ने कहा कि जब वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को भाजपा कांग्रेस भूल चुकी थी वही उत्तराखंड क्रान्ति दल ने 1992 में उत्तराखंड राज्य का खाका तैयार किया और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी के नाम राज्य की राजधानी चंद्र नगर गैरसैंण रखकर पृथक उत्तराखंड राज्य के स्वप्नों को पूरा करने का संकल्प लिया। और आज के ही दिन 25 दिसम्बर 1992 को गढ़वाली जी की गैरसैंण में प्रतिमा  पहाड़ के गाँधी स्व० इंद्रमणि बड़ोनी जी के द्वारा स्थापित की गयी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली हमारे आदर्श है।उनको कभी भुलाया नही जा सकता।इस अवसर पर सर्व श्री लताफत हुसैन,धर्मेंद्र कठैत,राजेश्वरी रावत,जितेंद डंगवाल, अशोक नेगी,लक्ष्मीकांत भट्ट,धीरज शर्मा,सुरेंद्र बुटोला,सागर,फुरकान अहमद,खेम बिष्ट,विवेक तेगवाल आदि उपस्थित रहे।