गंगा को मानते हो माँ तो निभाये अपना फर्ज : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां गंगा हमेशा से हमारी आस्था और अर्थव्यवस्था रही है। हमें गंगा को हर हाल में साफ और अविरल रखना है। आप भी अगर वाकई गंगा को अपनी मां मानते हैं तो अपना फर्ज निभाएं। मां गंगा की निर्मलता के लिए खुद को तैयार करें। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर गंगा के लिए सबसे संवेदनशील प्वाइंट था। कानपुर के आगे गंगा, गंदे नाले में तब्दील हो गई थी। इसे देखकर हमारी आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों को चोट पहुंचती थी। मैंने संकल्प लिया और कानपुर में भी गंगा को अविरल और निर्मल बना दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कानपुर में गंगा साफ हो सकती है तो देश की बाकी सभी नदियां भी अविरल और निर्मल हो सकती हैं। अगर दिल्ली सरकार चाह ले तो वहां यमुना भी अविरल और निर्मल बन जाए। सीएम ने कहा कि गंगा के मैदान का शुमार दुनिया के सबसे उर्बर भूमि में होता है। यहां के किसान मेहनती हैं। इनके बूते गंगा के मैदान से ही पूरी दुनिया का पेट भरा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा को अविरल और निर्मल बनना होगा। ये कैसे होगा, सरकार इसके लिए क्या कर रही है। यही बताने के लिए गंगा यात्रा का शुभारंभ करने मैं आपके बीच आया हूं। सरकार अपनी ओर से इसके लिये हर संभव प्रयास कर रही है। आप भी जनसहभागिता बढ़ाते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाएं। शहर और गांव में गंदे नालों को गंगा में गिरने से रोके। हम लोग लक्ष्य निर्धारित कर प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे तो देश और दुनिया में गंगा नजीर बन जाएगी।
इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा की उत्तर प्रदेश की 40 फीसदी जनता गंगा पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सिर्फ डकैती डालने का काम किया है। पहली बार उत्तर प्रदेश में भव्य और दिव्य कुंभ 2019 का सफल आयोजन हुआ। पहली बार कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा की गई है। पहली बार किसी की सरकार में गंगा को इतना निर्मल और अविरल देखा गया है। 
मुख्यमंत्री ने यहां रथ को हरी झंडी दिखाई और रामराज, मुजफ्फरनगर के लिए रवाना कर दिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर बैराज पर गंगा आरती की। कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा,  कैबिनेट मंत्री कपिल देव अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री बलदेव सिंह औलख मौजूद रहे।