महिला को किया पुलिस ने जिला बदर

श्रीमान पुलिस उप-महानिरीक्षक महोदय श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद देहरादून के द्वारा लंबे समय से अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर के अधिनियम कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया गया है।*
जिसके अनुपालन में *श्रीमान पुलिस अधीक्षक देहात व क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश महोदय के निर्देशन में*
प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश महोदय के द्वारा *ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। जिस पर ऐसे लोगों के विरुद्ध आख्या तैयार कर माननीय न्यायालय के माध्यम से गैंगस्टर की कार्रवाई की गई।*
जिस पर पुलिस अधीक्षक देहात महोदय के द्वारा जांच आख्या के पश्चात श्रीमती अनीता निवासी ऋषिकेश स्वयं एवं संयुक्त एकल रूप से भारतीय दंड संहिता की धारा 153 153a 294 या संहिता के अध्याय 15,16, 17,18 के अंतर्गत अपराध करने दुष्कर्म करने पर्यटन करने की आदी है, तथा *विपक्षी अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम 1956 के अंतर्गत भी दंडित हो चुकी है। इसके साथ ही आबकारी अधिनियम की धारा 60 के अंतर्गत कई उद्योगों में दोष सिद्ध किया गया है । अभियुक्त उपरोक्त के विरुद्ध कोतवाली ऋषिकेश पर आबकारी अधिनियम अधिनियम के अंतर्गत 16 अभियोग पंजीकृत हैं। व इसके विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता के अध्याय 8 के अंतर्गत पुलिस रिपोर्ट में विपक्षी को जनपद देहरादून की सीमाओं के अंतर्गत निवास करना उचित नहीं रह गया है।*
जिसके लिए माननीय न्यायालय के समक्ष जनपद देहरादून की सीमाओं से निष्कासित करने हेतु अनुरोध किया गया था।
*जिसपर माननीय जिला मजिस्ट्रेट देहरादून के द्वारा उपरोक्त विवेचना के आधार पर श्रीमती अनीता साहनी निवासी ऋषिकेश के विरुद्ध धारा 3 गुंडा अधिनियम के अंतर्गत गतिविधियों को देखते हुए इन्हें उत्तर प्रदेश गुंडा अधिनियम 1970 की धारा 3 के अंतर्गत जनपद देहरादून की सीमा से 3(तीन) माह के लिए निष्कासित किया जाता है।*


उपरोक्त जिला बदर के आदेश के अनुपालन में *आज ऋषिकेश पुलिस द्वारा महिला अभियुक्ता अनीता साहनी को उपरोक्त आदेश तमिल करवाकर जनपद देहरादून की सीमा से जनपद टिहरी गढ़वाल की सीमा में छोड़ा गया।* व हिदायत मुनासिब दी गई कि *3(तीन) माह से पूर्व जनपद देहरादून की सीमा में प्रवेश नहीं करेगी अन्यथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।*