देहरादून के 38 नामचीन स्कूलों को नोटिस जारी


 आग से बचाव की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस देहरादून श्री अरूण  मोहन जोशी ने देहरादून के 38 नामचीन स्कूलों को नोटिस जारी किये हैं तथा आवश्यक उपकरण लगाने के लिये स्कूलों को 01 माह का समय दिया है, इसके अतिरिक्त प्रत्येक स्कूल के लिये फायर अधिकारी भी नामित होगा। यह अधिकारी उपकरण स्थापित करने में सहयोग करेगा। पुलिस उत्तराखण्ड बिल्डिंग बायलाॅज के नियमों का अनुपालन कराकर स्कूलों में फायर उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना चाहती है। थाना स्तर से स्कूलों की सूची तैयार कराने के बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस देहरादून ने 500 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया। अकेले राजधानी में ऐसे स्कूलों की संख्या 500 के आस-पास है। पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस देहरादून ने बृहस्पतिवार को शहर के 38 बडे स्कूलों को  नोटिस जारी किये। नोटिस में कहा गया है कि जिन स्कूलों में आग से बचाव के उपकरण नहीं हैं, वहां बच्चे असुरक्षित हैं। नोटिस में उत्तराखण्ड फायर एक्ट 2016 के अलावा उत्तराखण्ड बिल्डिंग बायलाॅज का हवाला देते हुए बच्चों की सुरक्षा के मध्यनजर फायर उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। नोटिस में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही का प्रावधान भी बताया गया है। फायर महकमें के अधिकारियों को सम्बन्धित स्कूलों के नाम पर नामित किया जायेगा, जो उन स्कूलों में जाकर प्रबन्ध तन्त्र की मदद करेंगे। नोटिस की 01 माह की अवधि के पश्चात् सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी स्कूलों में जाकर अग्निशमन उपकरणों का सत्यापन करेंगे। पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस देहरादून ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि “ स्कूलों में अग्नि से बचाव के उपकरणों की व्यवस्था बनाने को स्कूल संचालकों का सहयोग करेगी। इस लिहाज से फायर अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर मानकों का पालन कराने में संचालको की मदद करेंगे। हादसे के बाद जागने से अच्छा है कि पहले व्यवस्था की जाये। उम्मीद जताई की स्कूल संचालक व्यवस्था बनाने में सहयोग करेंगे।