पुलिस नहीं मानती न्यायालय के आदेश :- विजय वर्धन डंडरियाल


माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश दिनांक 27 मार्च 2014 याचिका संख्या 2766 / 14 में आदेश दिया था की विक्रम और टाटा मैजिको को फुटकर सवारियां चढ़ाने वा उतारने पर रोक  सुनिश्चित की जाए । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी आदेश मैं नामित किया गया था । जबकि ठेका गाड़ी विक्रम एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक यानी एक स्थान से दूसरे स्थान तक ही सवारियों को बुकिंग में ले जा सकते हैं सिटी बस अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया की उसी सापेक्ष में मेरे द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सूचना मांगी गई कि माननीय न्यायालय के आदेश के तहत जिसमें विक्रमो  को फुटकर सवारियां  चढ़ाने वा उतारने पर रोक सुनिश्चित के संदर्भ में अभी तक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर पर क्या कार्रवाई हुई पर जानकारी मांगी


जबकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी द्वारा बताया गया कि हमारे कार्यालय द्वारा वर्ष 2016 तक के सारे शिकायत एवं जांच रजिस्टर आदेश उच्च अधिकारियों के कहने पर नष्ट कर दिए गए हैं इससे तो स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना की है क्योंकि कोई भी कार्यालय न्यायालय के आदेश को चाहे पुराने हो या नये हो नष्ट नहीं कर सकते। इसलिए मेरे द्वारा अपील की गई है यदि इसमें भी यही जवाब दर्शाया गया तो मुझे मजबूरन माननीय उच्च न्यायालय में वाद दायर करना होगा