सिटी बस अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने पुलिस पर किये सवाल खड़े

सिटी बस अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने पुलिस पर सवाल खड़े करते हुए खा की 8 मार्च से 21 मार्च  तक लॉक डाउन होने से पहले तक तो परिवहन विभाग और पुलिस विभाग द्वारा सार्वजनिक परिवहन सेवा चाहे वह सिटी बसों या अन्य रूटों पर लंबी दूरी की चलने वाली स्टेज कैरिज बसें उन सब परिवहन सेवाओं पर तो परिवहन विभाग व पुलिस विभाग द्वारा बड़ी मुस्तैदी के साथ वाहनों की चेकिंग की गई कि सिटी बस मोटर मालिकों द्वारा अपनी गाड़ियों को सैनिटाइज किया जा रहा है या नहीं किया जा रहा और परिवहन अधिकारियों द्वारा सिटी बसों के सेनीटाइज करते समय गाड़ियों की फोटोग्राफी भी की गई वह फोटोग्राफ भी मांगे गए लेकिन अब जब 1 महीने के अंतराल में छोटी सवारी गाड़ियां जिनके पास कांटेक्ट कैरिज का परमिट है जैसे ई-रिक्शा  ऑटो थ्री व्हीलर  टेंपो विक्रम  टैक्सी मैक्सी  जो वर्तमान में बुकिंग में या फुटकर में सवारियों को ले जा रहे हैं वह ला रहे हैं उन्हें  पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है उपरोक्त सभी गाड़ियों की चेकिंग क्यों नहीं की जा रही है की इनके द्वारा गाड़ियों में सैनिटाइजर हुआ है या नहीं हुआ है जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा सत्रह सौ के पार पहुंच गया है जबकि 8 मार्च से 22 मार्च तक यह आंकड़ा पांच छह संक्रमित मरीजों तक सीमित था लेकिन अब परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा सभी यात्री वाहनों की चेकिंग क्यों नहीं की जा रही है की उपरोक्त गाड़ियों के वाहन स्वामियों द्वारा अपनी गाड़ियों को सैनिटाइजिंग किया जा रहा है या नहीं यह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर यात्रियों को बैठा रहे हैं या नहीं या जिन गाड़ियों द्वारा कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है तो क्या दोनों विभागों द्वारा उन गाड़ियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई है या नहीं या लोगों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है इसी परिपेक्ष में ही मेरे द्वारा श्रीमान मुख्य सचिव महोदय एवं श्रीमान जिलाधिकारी महोदय को पत्र प्रेषित किया है कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की गाइड लाइन के अनुसार और गाड़ी की बनावट को देखते हुए 1 मीटर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सवारियों के बैठने की क्षमता को तय किया जाए जिससे कि  कोविड-19 के संक्रमण को दूसरे लोगों पर फैलने से रोका जा सके