लूट का फरार आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे

वादी श्री आर0पी0 ईश्वरम निवासी मसूरी रोड़ निकट मैक्स अस्पताल देहरादून द्वारा थाना राजपुर पर सूचना दी कि चार हथियारबन्द लोग उन्हे व उनके परिवारवालों को घर में बन्धक बना कर उनके घर से नगदी, ज्वैलरी व अन्य सामान लूट कर ले गये है उक्त सूचना पर पुलिस उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून व अन्य उच्चाधिकारी गण तत्काल मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना के अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। घटना के सम्बन्ध में वादी से पूछताछ कर अपराधियो के हुलियो के सम्बन्ध में जानकारी लेते हुये कन्ट्रोल रुम के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश हेतु चैकिंग प्रारम्भ करायी गयी तथा मौके पर एफएसएल व डॉग स्क्वॉड तथा एसओजी  की टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गयी। घटना के अनावरण हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्धारा पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन में तत्काल चार अलग-अलग टीमें गठित की गयी। गठित टीमो द्वारा आसपास के सीसीटीवी कैमरो को चैक करते हुए घटना में  प्रयुक्त वाहन को चिन्हित कर सीसीटीवी फुटेजों व सर्विलांस के माध्यम से घटना मंे संलिप्त अभियुक्तों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए दिनांक: 30-09-2019 को घटना में शामिल चार अभियुक्तों 1-  विरेन्द्र सिंह उर्फ ठाकुर 2-  मौ0 अदनान 3- मुजिफुर्ररहमान उर्फ पीरू तथा 4-  फुरकान को दिल्ली तथा छुटमलपुर के पास से गिरफ्तार कर उनके पास से घटना में  लूटी गयी ज्वैलरी व नगदी बरामद की गयी थी। अभियुक्तों से पूछताछ में प्रकाश में आये अन्य अभियुक्तों, फिरोज को दिनांक: 01-10-2019 को नोएडा से, हैदर को दिनांक: 02-10-2019 को नूरपुर बिजनौर से तथा मौ0 अरशद को दिनांक: 03-10-2019 को चांदनी महल बाजार, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। घटना में सम्मिलित दो अन्य अभियुक्तों फईम पुत्र शाहबुद्दीन निवासी रघुवीर नगर नई दिल्ली तथा मिश्रा की तलाश हेतु पुलिस टीम लगातार प्रयासरत थी। लाकडाउन समाप्त होने के पश्चात अनलाॅक की प्रक्रिया में व्यवसायिक गतिविधियां शुरू होने के कारण लोगों की आवाजाही बढने से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियो के सक्रिय होने की सम्भावना के दृष्टिगत पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा पूर्व के आपराधिक मामलों में वांछित चल रहे अभियुक्तों के दोबारा सक्रिय होने से पूर्व ही उनकी गिरफ्तारी हेतु क्षेत्राधिकारी एसओजी तथा एसओजी की सम्पूर्ण टीम के साथ गोष्ठी आयोजित कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किये गये थे तथा पूर्व में घटित अपराधों में वांछित अभियुक्तों की सूची तैयार कर ऐसे अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु क्षेत्राधिकारी एसओजी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। उक्त सूची में गम्भीर अपराधो में वांछित चल रहे अभियुक्तों का नाम सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया, जिसमें राजपुर थाना क्षेत्र में घटित डकैती की घटना में वांछित चल रहे अभियुक्तों फईम व मिश्रा की तलाश हेतु पुलिस टीम को दिल्ली रवाना किया गया, दिल्ली में पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों की तलाश हेतु सुरागरसी-पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। इस दौरान टीम को सूचना मिली कि अभियुक्त फईम का ससुराल रामपुर उत्तरप्रदेश में है तथा वर्तंमान में  उसकी पत्नी व बच्चे रामपुर में रह रहे हैं,  जिनसे मिलने वह बीच-बीच रामपुर आता रहता है। उक्त सूचना पर एक टीम को तत्काल रामपुर रवाना किया गया तथा अभियुक्त के सम्बन्ध में जानकारी हेतु गोपनीय रूप से सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों को नियुक्त कर अभियुक्त के ससुराल व उसके परिचितों पर सतर्क दृष्टि रखी गयी, जिस पर पुलिस टीम को जानकारी मिली कि अभियुक्त फईम की बहनें मुरादाबाद में रहती हैं, जिनके वह अक्सर मिलता रहता है, जिस पर एक टीम को मुरादाबाद रवाना कर अभियुक्त की तलाश हेतु स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। टीम को सूचना मिली कि फईम मुरादाबाद के करूला क्षेत्र में छुप कर रह रहा है। जिस पर अभियुक्त फईम को आज दिनाँक : 03-07-2020 को करूला क्षेत्र गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से घटना में लूटी गयी धनराशि व अन्य सामान बरामद हुआ।


पूछताछ में अभियुक्त फईम द्वारा बताया गया कि वह अदनान का बचपन का दोस्त है तथा पूर्व में अदनान व उसका परिवार सदर बाजार नई दिल्ली में साथ में रहता था, उसके पश्चात मेरे पिताजी द्वारा सीमापुरी में हमारा अपना घर बना लिया तथा हम वहां शिफ्ट हो गये। सीमापुरी जाने के बाद भी अदनान और मैं लगातार एक-दूसरे के सम्पर्क में रहते थे, मैं सीमापुरी में पुराने कपडों की फेरी लगाकर उन्हें बेचने का काम करता था। वर्ष: 2016-17 में मेरे भाई शाहरूख की शादी के दौरान मेरी अदनान से दोबारा मुलाकात हुई, उस समय मुझे पैसों की काफी तंगी चल रही थी जिसके सम्बन्ध में मेरे द्वारा अदनान को बताया गया। देहरादून में डकैती की घटना को अंजाम देने से कुछ समय पूर्व अदनान ने मुझसे सम्पर्क कर उक्त घटना की योजना के बारे में बताते हुए अपने साथ शामिल होने के लिये कहा तथा इसकी एवज में मोटी धनराशि मिलने की बात कही, चूंकि मुझे पहले से ही पैसों की तंगी चल रही थी इसलिये मैं इसके लिये तुरन्त तैयार हो गया। उसके पश्चात मेरे द्वारा अपने एक साथी मिश्रा की मुलाकात अदनान से करवायी तथा उसे भी इस योजना के बारे में बताते हएु टीम मंे शामिल कर लिया। मिश्रा से मेरी मुलाकात 2013 में तिहाड जेल में हुई थी, जहां वह चेन स्नैचिंग के अपराध में सजा काट रहा था। योजना के अनुसार दिनाँक 22-09-2019 को हमने राजपुर क्षेत्र में उक्त डकैती की घटना को अंजाम दिया। घटना के पश्चात लूटी गयी धनराशि व ज्वैलरी का हमने आपस में बटवारा कर लिया तथा अपने-अपने घरों को चले गये। कुछ समय पश्चात मुझे पता चला कि देहरादून पुलिस द्वारा दिल्ली से अदनान व विरेन्द्र ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे मैं काफी डर गया और अक्टूबर में ही दिल्ली से मुरादाबाद आकर करूला क्षेत्र में किराये के मकान मे रहने लगा। इस बीच पुलिस की गतिविधियां तेज होने के कारण मैने अपनी पत्नी तथा बच्चों को अपने ससुराल रामपुर में बुला लिया, पुलिस के डर से मैं तब से ही मुरादाबाद में छुप कर रह रहा था। लूट की घटना में लूटे गये महंगी-महंगी घडियां, बैल्ट, एण्टीक मूर्ती, हैण्डबैग व अन्य कीमती सामान हैदर, अदनान व विरेन्द्र ठाकुर ने अपने पास रख लिये थे, इनसे यह सामान बरामद किया जा सकता है। मेरे पास से बरामद कीमती घडी व चैन उसी लूट की घटना की हैं।