गो संरक्षण को उत्तराखंड सरकार उठाने जा रही नया कदम
उत्तराखंड में गोवंश संरक्षण पर सरकार गंभीर कदम उठाने जा रही है सरकार की पहल आवारा पशुओं को आशियाना दिलाने की भी है और इनके संवर्धन में बेहतर सुविधाएं जुटाने की भी.उत्तराखंड में गोवंश पर त्रिवेंद्र सरकार एक सटीक रणनीति के तहत काम करने जा रही है..राज्य में आवारा पशुओं को बेहतर व्यवस्थाओं के साथ संरक्षित करने के लिए हाईटेक गौशालाओं को स्थापित किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। 


प्रदेश में हजारों पशुओं को भविष्य में हाईटेक व्यवस्थाओं के साथ जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं..खासतौर पर गाय के रखरखाव और उनके इलाज के साथ दूसरी व्यवस्थाओं को भी बेहतर करने की सकारात्मक पहल की जा रही है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक समय सीमा तय कर अधिकारियों को इसके लिए अच्छे विकल्प तैयार करने के आदेश भी दिए हैं। हालांकि उत्तराखंड में पहले ही हरिद्वार, ऋषिकेश उधम सिंह नगर और हल्द्वानी समेत पहाड़ी जिलों में भी गौ सदन बनाए गए हैं लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुंभ 2021 से पहले व्यवस्थाओं को और भी बेहतर बनाने के आदेश दिए हैं। 

 

यूं तो मुख्यमंत्री प्रदेश भर में गौशालाओं की व्यवस्थाएं सुधारने और इनकी संख्या में इजाफा करने के लिए प्रयासरत है लेकिन राजधानी देहरादून में इसके लिए सबसे पहला प्रयास किया जा रहा है। देहरादून में हाईटेक गौशाला बनाने के लिए अधिकारियों को मथुरा भेजा जा रहा है जहां की हाईटेक गौशालाओं का निरीक्षण करने के बाद उत्तराखंड में भी इस तरह की गौशाला बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि जल्दी अधिकारी इसको देखने के बाद शासन को इसकी डीपीआर भेज देंगे।