गुलदार के शावक को बचाने में लगा वन विभाग@रेस्क्यू सेन्टर में वन विभाग के डॉक्टर और अधिकारी शावक पर नजर बनाए हुए 
देवेश सागर हरिद्वार



 

हरिद्वार वन प्रभाग की चिड़ियापुर रेंज में बना रेस्क्यू सेंटर वन्य जीवों के लिए वरदान साबित हो रहा है इस रेस्क्यू सेंटर में कई घायल वन्य जीवो का इलाज कर उनकी जिंदगी बचाई गई है इस रेस्क्यू सेंटर में देहरादून के चकराता के जंगल से अचेत अवस्था मे मिले गुलदार के शावक को बचाने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे है शावक की उम्र लगभग 3 वर्ष है जिस पर जहर का असर बताया जा रहा है रेस्क्यू सेन्टर में वन विभाग के डॉक्टरों समेत वन विभाग के अधिकारी भी इस शावक पर नजर बनाए हुए है  

 

--हरिद्वार के डीएफओ आकाश कुमार वर्मा का कहना है कि इस रेस्क्यू सेंटर में 3 साल का गुलदार का शावक लाया गया है जो देहरादून के जंगल मे अचेत अवस्था मे मिला था जिसको रेस्क्यू के लिए हरिद्वार रेस्क्यू सेंटर लाया गया है इस शावक को बार बार दौरे पड़ रहे है इसको देखकर लगता है कि इसने जंगल में कुछ जहरीला पदार्थ खा लिया है या फिर अन्य किन्ही कारणों से ये जहर के संपर्क में आ गया है फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इसका इलाज चल रहा है और उम्मीद जताई जा रही है जल्द ही ये ठीक भी हो जाएगा।

 

 

हरिद्वार चिड़ियापुर रेंज के रेस्क्यू सेंटर में जंगली जानवरों के घायल होने के बाद उनको इलाज के लिए लाया जाता है और यह उत्तराखंड में एकमात्र ऐसा रेस्क्यू सेंटर है जहां जंगली जानवर आते तो घायल अवस्था में है मगर उनको यहां से स्वस्थ कर फिर जंगल में छोड़ दिया जाता है इसलिए रेस्क्यू सेंटर जंगली जानवरों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है