तीन तलाक बोलने पर महिला ने की चप्पलो से युवक की पिटाई

 


 


ऊधमसिंहनगर जिले में स्थापित वन स्टॉप सेंटर में उस वक्त हडकंम्प मच गया जब काउंसिलिंग के लिए आये मुस्लिम दंपति ने अपनी पत्नी को तीन तलाक बोल दिया फिर क्या था पत्नी और उसकी माँ ने युवक की चप्पलों से पिटाई कर दी। जिसके बाद वन स्टॉप कर्मचारियों ने बीच बचाव करते हुये दुबारा से काउंसलिंग करने का प्रयास किया लेकिन दोनों के बीच सहमति ना बनने पर मामला न्यायालय में ट्रांसफर कर दिया है। 


जानकारी के मुलबिक 4 जुलाई 2019 को रूद्रपुर वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया गया था। जिसमे पीड़िता चमन निवासी झगड़पुरी गदरपुर ने बताया कि उसका पति फिरासत निवासी सर्वरखेड़ा काशीपुर दहेज के लिए उससे आये दिन मारपीट करता है। पीड़िता के प्रार्थना पत्र में वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग की गई। पहली काउंसलिंग में पति फिरासत नही पहुचा जिसके बाद दूसरी काउंसलिंग में दोनों के बीच मन मुटाव का समाधान करते हुए पीड़िता चमन को ससुराल काशीपुर भेजा गया। पीड़िता के मुताबिक कुछ दिन पहले फिर से फिरासत द्वारा उसके साथ मार पीट करते हुए दहेज में कार व एक लाख रुपये की डिमांड रखी गयी। जिसके बाद एक बार फिर आज दोनों पक्षो को रूद्रपुर वन स्टॉप सेंटर काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। वन स्टॉप सेंटर द्वारा काउंसलिंग सुरु की गई। जिसके बाद एक बार फिर दोनों को अकेले में बात चीत करने के लिए छोड़ दिया। इस दौरान पीड़िता चमन ने अपने पति फिरासत पर तीन तलाक देने का आरोप लगाते हुए फिरासत को चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया देखते ही देखते पीड़िता की माँ द्वारा भी उसके पति को पीटना शुरू कर दिया। जिसके बाद वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों द्वारा बीच बचाव करते हुए मामला शांत कराया और घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुची पुलिस के बीच फिर एक बार काउंसलिंग सुरु की गई। जिसमें पति फिरासत द्वारा पत्नी को साथ ना ले जाने की बात कही। मामले में वन स्टॉप सेंटर द्वारा दोनों के बीच सहमति ना बनने के चलते केस को न्यायलय में रेफर कर दिया है। 


वही पीड़िता चमन द्वारा बताया गया कि उसके सोहर द्वारा तीन बार तलाक तलाक बोला गया जिसके बाद उसकी पिटाई की गई। पीड़िता ने बताया कि उनके पति द्वारा दहेज की डिमांड की जाती थी। जिसको पूरा ना करने पर वह उससे मार पीट करता था। आज उसके पति ने उसे तलाक देते हुए उसे छोड़ दिया है।


वही वन स्टॉप सेंटर की एडमिनिस्ट्रेटर कविता बडोला ने बताया कि जुलाई माह में वन स्टॉप सेंटर में इनका मामला दर्ज किया गया था आज दोनों के बीच तीसरी काउंसलिंग की जा रही है। वन स्टॉप सेंटर में किसी भी तरह का कोई भी तलाक नही दिया गया है। दोनों के बीच सहमति ना बनने पर मामले को कोर्ट से निपटाने की सलाह दी गयी है। पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर से कोर्ट में भी हर सम्भव मदद की जाएगी