ऑन लाइन ठगी करने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड़ देखे किस तरह करते थे ऑनलाइन ठगी


     वर्तमान समय में लाटरी, बीमा, पॉलिसी व नौकरी दिलाने के नाम पर हो रही आँनलाईन धोखाधडी के दृष्टिगत श्रीमति रिधिम अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, एसटीएफ/ साईबर क्राईम के निर्देशन एवं श्री स्वतंत्र कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निकट पर्यवेक्षण में साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन पर उक्त अपराधियो के विरुद्व प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त सम्बन्ध में शिकायतकर्ता मलिन चन्द दास निवासी कलकत्ता हाल निवासी आईटी पार्क देहरादून द्वारा एक शिकायत प्रेषित की गयी जिसमें उनके द्वारा अवगत कराया गया कि अज्ञात व्यक्तियो द्वारा नौकरी का झांसा देकर उसके इन्टरनेट बैंकिंग यूजर आईडी, पासवर्ड को हैक कर उसके खाते से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गयी है। शिकायत पर कार्यवाही करते हुये अभियोग पंजीकृत किया गया । 
उक्त अभियोग में घटना में प्रयुक्त मोबाईल, ई-वालेट तथा बैंक खातों के बारे में जानकारी की गयी तो मोबाइल नम्बर गलत नाम व पते पर लिये गये हैं। अभियुक्तो की गिरफ्तारी व आवश्यक कार्यवाही हेतु साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन से निरीक्षक श्री पंकज पोखरियाल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित कर दिल्ली, नोएडा, हरियाणा राज्य रवाना की गयी ।
                  उक्त अभियोग में विभिन्न बैंको के खाते प्रयोग में लाये गये हैं। जिसमें एचडीएफसी, कोटक महिन्द्रा,  केनरा बैक व आई0सी0आई0सी0आई0 बैंक के खाते सम्मिलित है। उक्त खातों में से बैक की सम्बन्धित शाखा से सम्पर्क कर सम्बन्धित खाता धारको का सत्यापन किया गया। जिसमें कोटक महिन्द्र बैंक के एक सदिग्ध खाता प्राप्त हुआ। जिसके सम्बन्ध में मुखबिर सक्रिय किये गये तो मनसाराम नईदिल्ली में एक फर्जी कॉल सेन्टर संचालित किये जाने की जानकारी प्राप्त हुयी जो कि इस तरह से जनमानस से धोखाधड़ी कर लाखो रुपये की ठगी कर रहे है । सूचना पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर उक्त कॉल सेन्टर पर दबिश दी गयी जिसमें उक्त अभियोग से सम्बन्धित 05 अभियुक्त जिसमें 02 महिलाओ व 03 पुरुषो को गिरफ्तार किया गया तथा मौके से 01 लैपटॉप, 07 कम्प्यूटर सिस्टम, 19 मोबाईल फोन, 52 सिम कार्ड, एटीम कार्डस, फर्जी आधार व पेन कार्डस , 03 सोने के सिक्के, 01 सोने की चेन आदि बरामद की गयी व इसके अलावा टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही कर अभियुक्त के बतायी गयी ऑनलाईन शॉपिंग कम्पनी टाटाक्लिक से सम्पर्क कर वादी के 06 लाख 56 हजार रुपये वापस कराय गये ।
  अभियुक्तो द्वारा पूछताछ में बताया गया कि उनके द्वारा मॉनस्टर वेबसाईट से नौकरी हेतु आवेदन करने वाले लोगो का डेटा प्राप्त किया जाता था जिनसे सम्पर्क कर नौकरी का लालच देकर उनको अपनी Jobrescue.com फर्जी वेबसाईट पर 10 रुपये का आवेदन इन्टरनेट बैंकिंग के द्वारा करने को कॉल की जाती थी, जो कि महिला अभियुक्ता द्वारा की जाती थी, पीड़ित द्वारा अपना यूजर आईडी व पासवर्ड सम्बन्धी जानकारी उक्त साईट पर फीड करने पर आगे Failed Transaction आता था, परन्तु इस प्रकार से अभियुक्तगण उसके खाते में इन्टरनेट बैंकिंग व पासवर्ड प्राप्त कर सेंध लगाकर खाते को खाली कर देते थे, व उक्त रकम से अपने सुखसुविधाओ, गोल्ड आदि की ऑनलाईन खरीदारी करते थे । अभियोग में अभियुक्तो को गिरफ्तार कर मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया व उनसे मिली जानकारी के आधार पर देश के अन्य राज्यो में इस प्रकार से धोखाधड़ी के शिकार अन्य लोगो की पहचान हेतु कार्यवाही की जा रही है।