श्राइन बोर्ड पर बबाल राजनैतिक पार्टियों के साथ पुरोहित भी उतरे विरोध में 
 

उत्तराखंड राज्य के सीएम द्वारा चार धाम श्राइन बोर्ड गठन को कैबिनेट में मंजूरी के बाद अब सियासी हलकों में बवाल होना शुरू हो गया है आज उत्तराखंड राज्य नवनिर्माण सेना के संस्थापक सुशील कुमार ने एक प्रेस वार्ता में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो सरकार पहले राज्य में शराब के कारोबार को बढ़ावा देने का काम कर रही थी और अचानक उसको धर्म की याद आ गई उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आदिकाल से मंदिरों की देखरेख वहां के हुकूक दार और पुरोहित करते चले आ रहे हैं परंतु अब सरकार की नजर मंदिरों पर भी टिकी है जिसको वह दूध देने वाली गाय के तरह इस्तेमाल करना चाह रहे हैं इसको नव निर्माण सेना कतई बर्दाश्त नहीं करेगी हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं यदि सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा वहीं इस मौके पर गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने भी अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि हम लोग वर्षों से मंदिरों की सेवा कर रहे हैं और अब सरकार द्वारा श्राइन बोर्ड के गठन के जाने की घोषणा के बाद पूरा वर्चस्व सरकार अपने हाथ में लेगी जिससे पुरोहितों की रोजी-रोटी पर संकट पड़ जाएगा साथ ही उन्हों ने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान  हजारों की संख्या में चारों धामों के पुरोहित और श्रद्धालु विधानसभा का घेराव करेंगे

 बाइट सुशील कुमार संस्थापक नवनिर्माण सेना