त्रिवेंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019- 20 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया

विधानसभा में आज त्रिवेंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019- 20 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया।अनुपूरक बजट में कुल 2533. 90 करोड की व्यवस्था की गई है। अनुपूरक बजट की राजस्व मद में 1606.33 करोड़. व पूंजीगत मध्य में 927.56 करोड़ का प्राविधान किया गया है।बजट में वेतन के लिए कुल 166.65 करोड़
व पेंशनादि मदों में 37.18 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विश्व बैंक सहायक ग्रामीण पेयजल एवं पर्यावरण स्वच्छता पर योजना के अंतर्गत 70 करोड़ का प्राविधान व केंद्रीय सहायता योजनाओं के अंतर्गत 848.11 करोड़ का प्राविधान किया गया है।


 अनुपूरक बजट में सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम हेतु 20 करोड़ का प्राविधान व पुलिस इंटरसेप्टर वाहनों के क्रय हेतु एक करोड़ का प्राविधान किया गया है। इसके साथ ही पुलिस विभाग के आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु चार करोड़ का प्राविधान व जिलों का निर्माण भूमि क्रय हेतु 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रतिपूर्ति के लिए 107.41 करोड़ का प्राविधान व राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अधिनियम हेतु 5 करोड़ का प्राविधान किया गया है।


 राजकीय उपाधि महाविद्यालय हेतु 40.30 करोड़ का प्राविधान व राजकीय महाविद्यालयों विश्वविद्यालयों में एडुवैट के माध्यम से शिक्षा हेतु एक करोड़ का प्रावधान किया गया है। इंजीनियरिंग कॉलेज द्वाराहाट हेतु 5 करोड़ का प्राविधान व उत्तराखंड आवासीय विद्यालय जहरीखाल पौड़ी का भवन निर्माण हेतु 1.76 करोड़ का प्राविधान किया गया है। छात्रावासों का निर्माण हेतु 6 करोड़ का प्राविधान व रूसा के अंतर्गत विश्वविद्यालय शासकीय तथा अशासकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण हेतु 40 करोड़ का प्राविधान किया गया है।


 ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी स्टेडियम हेतु दो करोड़ का प्राविधान व राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन हेतु 5.50 करोड़ का प्राविधान किया गया है। बेस चिकित्सालय पिथौरागढ़ का निर्माण हेतु 5 करोड़ का प्राविधान व रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु बेस चिकित्सालय का उच्चारण हेतु 5 करोड़ का बजट के साथ ही पंपिंग योजना का रखरखाव हेतु दो करोड़ के बजट की व्यवस्था की गई है।


चार धाम यात्रा पर्यटन मार्गो पर पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 1.50 करोड का बजट व पेयजल निगम को अर्जित सेंटेंस के सापेक्ष वेतन भुगतान के गेट की पूर्ति हेतु अनुदान हेतु 42 करोड का बजट पेयजल निदेशालय एवं एस डब्ल्यू एस एम हेतु 8 करोड का बजट व शहरी विकास के सी आई टी आई एस परियोजना हेतु तीन करोड़ का बजट, अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन हेतु 10 करोड़ का बजट, ग्रामीण पेयजल सेक्टर हेतु 8 करोड़ का बजट जिसमें एनआईटी सुमारी कैंपस पंप योजना हेतु अतिरिक्त धनराशि का प्राविधान किया गया है।


स्मार्ट सिटी योजना हेतु 25 करोड का बजट व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना आपातकालीन निधि हेतु 10 करोड़ के बजट की ब्यवस्था की गई है । दून नैहरे के अनुरक्षण कार्य के लिए तीन करोड़ का बजट, जमरानी बांध परियोजना हेतु 50 करोड़ का बजट, त्वरित सिंचाई लाभ एवं प्रबंधन कार्यक्रम पी एम के एस वाई हेतु 50 करोड का बजट के साथ ही बाढ़ नियंत्रण कार्य के लिए 35 करोड़ का बजट, प्रदेश के मार्गो कुलियों का अनुरक्षण कार्य हेतु 50 करोड़ का बजट, सड़क निर्माण कार्य राज्य सेक्टर हेतु 150 करोड़ का बजट, मेगा टेक्सटाइल पालिसी 2014 हेतु 40 करोड का बजट, ईज आफ डूइंग बिजनेस हेतु 4 करोड का बजट,क्षेत्रीय विस्तार नेटवर्क का क्रियान्वयन हेतु 7 करोड़ का बजट, बसों से छात्राओं के निशुल्क यात्रा हेतु अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।


 जौलीग्रांट हवाई पट्टी के निर्माण विस्तार हेतु रुपए 13 करोड़ का प्राविधान के साथ ही हल्द्वानी में आईएसबीटी की स्थापना हेतु 5 करोड़ का बजट अतिरिक्त बजट है।केदारनाथ विकास प्राधिकरण तथा टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण हेतु तीन करोड़ का प्राविधानसाइन बोर्ड को सहायता हेतु 10 करोड़ का प्राविधान, मुनी की रेती में शिवालिक जैव विविधता पार्क हेतु 5 करोड़ का प्राविधान, केएमवीएन और जीएमवीएन को सहायता हेतु 5 करोड का बजट, पर्यटन विकास हेतु अवस्था अपना निर्माण हेतु 7 करोड़ का बजट, राष्ट्रीय वन रोपण कार्यक्रम के लिए 20 करोड़ का बजट की ब्यवस्था की गई है।


7 राष्ट्रीय कृषि वानिकी एवं बांस मिशन हेतु 5 करोड का बजट, कैंपा हेतु 15 करोड़ का अतिरिक्त बजट, हल्द्वानी में जो निर्माण हेतु अतिरिक्त धनराशि का प्राविधान, परजीवी कर्मियों के बचाओ योजना हेतु आठ करोड़ का बजट, ब्लड बैंक हेतु अतिरिक्त धनराशि, उद्यान बीमा योजना हेतु 6.5 करोड़ का बजट, सगंध पौधा केंद्र को अनुदान एवं सगंध पौधों के क्लस्टर विकास हेतु अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान, राष्ट्रीय बांस मिशन हेतु 5 करोड़ का प्राविधान, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम जल जीवन मिशन हेतु 18.46 करोड का बजट, जनजाति शोध संस्थान एवं संग्रहालय के माध्यम से विभिन्न योजनाओं कार्यक्रमों का संचालन हेतु 5 करोड़ के बजट की व्यवस्था की गई है।