एक्सपो में महाराष्ट्र के हाथ से बने टावल बन रहे लोगो के आकर्षण का केंद्र.


दून हैंडलूम एक्सपो में लोगों की भीड़ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस मेले में विभिन्न राज्यों से आये हुए व्यपारियों ने अपने अपने राज्य के फेमस चीजों का प्रदर्शन किया है और यह खरीदारों के लिए भी बहुत अच्छा मौका है। विभिन्न राज्यों की हैंडलूम खरीदने का और आजकल लोगों की भीड़ केलरा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के स्टाल पर ज्यादा देखने को मिल रही है। केरला का स्टाल नंबर 78 है और वयापारी जितेंद्र का कहना है कि वह यहाँ 3 साल से स्टॉल लगा रहे है और 3 साल में उनकी स्टॉल पर खरीदारों की भीड़ लगी रहती है और हैंडलूम की बिक्री भी बहुत होती है। स्टॉल में उनके पास क़ानूर कॉटन, राजस्थान डाई प्रिंट जो हैंडमेड है, इसके अलावा डाइनिंग रनर, डाइनिंग मेट,ऐसी क्विल्ट यह सब बहुत ही सुंदर डिज़ाइन में उपलब्ध है। वही दूसरी तरफ वेस्ट बंगाल की स्टॉल पर भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। इस स्टॉल का नंबर 55,56 है जहाँ बंगाल से बहुत ही डिज़ाइन की हैंडलूम मौजूद है। इस स्टॉल पर ऐरी सिल्क, इक्कत सिल्क,चंदेरी, जामधानी, कट वर्क सिल्क, मधुबनी, फिश साड़ी की बहुत डिमांड है इनके शॉप पर क्योंकि वह साड़ी बस बंगाल में ही पाई जाती है। लोग बहुत उत्सुक होकर खरीदारी कर रहे है क्योंकि यह हैंडलूम एक्सपो मेला उनको भारत के विभिन्न राज्यों से अलग अलग हैंडलूम की उपलब्धि करवा रहा है। महाराष्ट्र से लगी हुई स्टॉल जिसका नंबर 74 है वहाँ भी अनेक प्रकार के टॉवल उपलब्ध है जोकि अलग अलग कैटेगोरीज़ में उपलब्ध है कुछ इस प्रकार है टॉवल के प्रकार, हैंड टॉवल, किचन टॉवल, बाथ टॉवल, बाथ गाउन, हेड मास्क, प्योर कॉटन बेडशीट और यह सब शोलापुरी है जो महाराष्ट्र से लाये गए है। बेडशीट 300 से 1600 तक की है और तोवेलब 150 से लेकर 500 तक की है। लोगों को यह टॉवल बहुत ही भा रहे है क्योंकि यह बहुत ही सॉफ्ट है और इसके रेंज भी सही लगाए है। मेले के उपनिर्देशक शैली डबराल और मेला अधिकारी के.सी चमोली भी बहुत ही अच्छे तरीके से मेले का  कार्यभार संभाल रहे है।इस मोके पर उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल,पल्ल्वी गुप्ता,अनुपम द्विवेदी,राजेंद्र कुमार,कुंवर सिंह बिष्ट,गिरीश चंद,संजय बिष्ट और अश्वनी शर्मा मौजूद रहे,