गैंगस्टर एक्ट में वांछित 1500 /- ₹ का इनामी हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार


     पुलिस उपमहानिरीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून  के द्वारा चलाए जा रहे वांछित /इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर/ क्षेत्राधिकारी सदर के निकट पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष क्लेमेनटाउन के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक 14/01/20 को थाना पटेल नगर के वांछित 1500 /- ₹  के इनामी गैंगस्टर रौनक अली पुत्र  निवासी रियासत अली कन्हैया बिहार, कारगी,  थाना पटेल नगर देहरादून को चांचक पुल से गिरफ्तार किया गया जो कि *थाना पटेल नगर का हिस्ट्रीशीटर भी है* अभियुक्त रौनक उपरोक्त के विरुद्ध धोखाधड़ी के अनेकों अभियोग पंजीकृत है। अभियुक्त रौनक अली थाना पटेलनगर के मु0अ0सं0 -361/19 धारा 2/3  गैंगस्टर एक्ट एवं थाना प्रेम नगर के मु0अ0सं0 - 109/19 धारा 420/406/467/468/471/ 120 बी, 506 भादवी में वांछित चल रहा था, इसके अतिरिक्त उपरोक्त दोनों मुकदमों में मुकर्रम पुत्र शमशाद निवासी कन्हैया विहार ,कारगी ,थाना पटेल नगर, देहरादून भी वांछित चल रहा है। 
*अभियुक्त रौनक अली व मुकर्रम लगातार फरार चल रहे थे जिस पर थाना क्लेमेंट टाउन पुलिस द्वारा दिनांक 13.1.2020 को दोनों अभियुक्त गणों के घर की कुर्की कर दी गई थी* 
दोनों अभियुक्त गणों द्वारा श्रीमती कंचन अंथवाल से ₹ 3500000 कारगी में जमीन दिलाने के नाम पर हड़प लिए, जिस पर श्रीमती कंचन अंथवाल द्वारा थाना पटेल नगर में दोनों अभीयुक्तो के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया।  श्री उमेश चंद्र कुलश्रेष्ठ को भी दोनों अभियुक्तो द्वारा इंजीनियर एंक्लेव में फर्जी जमीन बेच दी थी, जिस पर थाना बसंत विहार में दोनों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया।  इसी तरह दोनों अभियुक्तो द्वारा श्रीमती मीनू जैन को भी इंजीनियर एंक्लेव में एक  जमीन दिखाकर फर्जी बैनामा कर दिया गया, जिस पर श्रीमती मीनू जैन द्वारा थाना बसंत विहार में दोनों अभीयुक्तो  के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करवाया गया,  इसी तरह दोनों अभियुक्त गणों द्वारा झाझरा थाना प्रेम नगर क्षेत्र में गुलशन कुमार निवासी हिमाचल प्रदेश से करीब एक करोड़ 20 लाख रुपए लेकर फर्जी अनुबंध पत्र बनाकर रुपए हड़प लिए गए, जिस पर थाना प्रेमनगर में भी दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया। दोनों शातिर किस्म के अभियुक्त हैं, अभियुक्त रौनक को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जिसे न्यायिक  हिरासत में जेल भेज दिया गया।