माता सावित्री बाई फुले के जन्मदिवस को शिक्षिका दिवस घोषित करने की मांग


भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले के जयंती दिवस के दिन ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज संस्थान द्वारा मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया गया जिसमें सावित्रीबाई फुले के जयंती समारोह के दिन शिक्षिका दिवस घोषित करने की प्रमुख मांग रखी गई और ज्योति राव फुले तथा माता सावित्री बाई फुले को भारत रत्न देने की मांग की गई
  ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज संस्था के जिला अध्यक्ष श्री अशोक सैनी जी व प्रदेश महामंत्री हंसराज सैनी ने संयुक्त रूप से विचार व्यक्त करते हुए कहा की जिस समय भारत आजाद हुआ था उसके बाद भी भारत रूढ़ीवादी अंधविश्वासी और वर्ण व्यवस्था में फंसा पड़ा था इस बीच महान समाज सुधारक डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के राजनीतिक गुरु ज्योति राव फूले ने अपने जन्म स्थान महाराष्ट्र के सतारा जिले में छोटी सी उम्र से ही समाज मैं फैले अंधविश्वास और रूढ़िवादी विचारों के विरुद्ध आवाज उठाने का कार्य किया उसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को शिक्षित करते हुए भारत की प्रथम महिला शिक्षित बनाकर अपने ही 18 विद्यालयों में बालिकाओं व महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिया यहीं से भारत में नारी शिक्षा की नींव पड़ी बड़े दुख की बात है कि भारत को इतने बड़े अंधविश्वास और रूढ़िवादी वर्ण व्यवस्था से निकालने के बावजूद आज तक ज्योति राव फूले व माता सावित्री बाई फूले को भारत रत्न से सुसज्जित नहीं किया गया है हम ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री जी से अपील करते हैं की नारी व्यवस्था सुधारने और देश को इंदिरा गांधी जैसी शिक्षित प्रधानमंत्री देने वाली शिक्षिका सावित्री बाई फुले जी के जयंती समारोह को शिक्षिका दिवस के रूप में घोषित करें ताकि हमारा इतिहास इन समाज सुधारको को आगे आने वाली पीढ़ी भी याद रखें