ग्रामीण क्षेत्रो में नही दिख रहा स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का असर


_एक तरफ जहां सरकार स्वच्छता भारत अभियान के तहत लोगों को शौचालय में जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।वही कस्बे क्षेत्र मे स्वच्छ भारत मिशन का असर ग्रामीण क्षेत्रो मे नही दिख रहा है। ग्रामीणो का कहना है कि बीते दिनो सड़क चौड़ीकरण होने के दौरान एनएच के अधिकारियो व तहसील प्रशासन की टीम ने जेसीबी व एचीएम लगाकर फोरलेन निर्माण को लेकर चिह्नित जगह को कब्जा मुक्त कराने के लिए पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी मे जेसीबी चलाकर सड़क के किनारे शौचालय को ध्वस्त कर दिया था। ग्रामीणो का कहना है कि तकरीबन दो साल बीत गए आज तक कस्बे क्षेत्र मे शौचालय तक नही बन सके। आज भी कस्बे में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से लोग परेशान हैं। दिल्ली -देहरादून नेशनल हाईवे होने के कारण कस्बे क्षेत्र मे दुर दराज से आई हुई महिलाओ को शौच के लिए इधर-उधर भटकना पडता है। लेकिन कस्बे मे महिलाओ के शौचालय नही होने से कस्बे मे स्थित निजी घरो के शौचालय मे जाना पड़ता है। कस्बे मे सैकड़ों की संख्या में लोगों का प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है। मगर यहां सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। खासकर शौचालय नहीं होने से महिलाएं और युवतियां बहुत परेशान हैं। ग्रामीणो ने बताया कि कस्बे क्षेत्र मे कहीं पर भी शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी लोगों को भी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि सरकार स्वच्छता अभियान चलाकर शहर से लेकर गांवों तक में शौचालय बनवा रही है। लेकिन कस्बे की ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। उनके अनुसार यदि कस्बे में सार्वजनिक शौचालय बन जाए तो इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।_