शराब फैक्ट्री के विरोध में साधु संत और सामाजिक संस्थाए बैठी अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर मांगे ना माने जाने पर जल समाधी की चेतावनी 

देवेश सागर हरिद्वार


 

उत्तराखंड सरकार द्वारा देवप्रयाग में शराब की फैक्ट्री लगाए जाने के विरोध में अब साधु-संत और हिंदुओं की कई संस्थाएं आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में नजर आ रही है और यह संस्थाए शराब की फैक्ट्री को बंद करने के लिए अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं उनका कहना है जब तक सरकार अपना यह फैसला नहीं बदलती है तब तक वह आंदोलन की राह से पीछे नहीं हटेंगे इनके द्वारा तेरह अखाड़ों को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की गई है वही इनकी मांगे पूरी ना होने पर इनके द्वारा जल समाधि लिए जाने की चेतावनी भी दी गई है
 

अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे संतों का कहना है कि उत्तराखंड देवभूमि है और ऐसी जगह पर शराब की फैक्ट्री लगाना काफी गलत है जिस जगह पर फैक्ट्री लगाई जा रही है वहां से सारी गंदगी गंगा में जाएगी जितना भी इस सीवर का गंदा पानी है वह गंगा में जाकर मिलेगा और आने वाले 2021 के कुंभ में साधु संत और श्रद्धालु अमृत जल में गंगा स्नान करने आएंगे ना कि सीवर के पानी से दूषित जल में संतों का कहना है कि 2021 में लगने वाला कुंभ नजदीक आ गया है कुम्भ कार्य तो नजर नहीं आ रहे हैं मगर सरकार सिर्फ शराब की फैक्ट्री लगाने में ध्यान दे रही है हम सरकार से मांग करते हैं जल्द इस फैक्ट्री को बंद किया जाए अगर हमारी मांग नहीं मानी जाती है तो हम जल समाधि लेने पर विवश हो जाएगी हमारे द्वारा तेरह अखाड़ों और सरकार को पत्र भेजे गए हैं मगर अभी तक उन पत्रों का कोई जवाब नहीं आया है और ना ही अभी तक सरकार की तरफ से कोई हम से वार्ता करने पहुंचा है हमारे इस अनशन को आज 2 दिन हो गए हैं और यह अनशन लगातार जारी रहेगा जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी

 

 

-अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे संतों के समर्थन में हिंदुओं की कई संस्थाएं भी साथ खड़ी हो गई है हिंदू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अन चेतना महाराज का कहना है कि जिस तरह से गुजरात और बिहार में शराबबंदी है वैसे ही उत्तराखंड देवभूमि हैं यहां पर भी शराब पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए अगर हमारी मांगे नहीं मानी जाती है तो हम पूरे भारतवर्ष में आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है उत्तराखंड में भी मां गंगा बह रही है और ऐसी जगह पर शराब की फैक्ट्री लगाना बिल्कुल ही गलत है

 

 

--ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष अधीर कौशिक का कहना है कि उत्तराखंड देव भूमि है और राजा भागीरथ ने करोड़ों साल तपस्या करके मां गंगा को धरती पर लाए थे ऐसी जगह पर शराब की फैक्ट्री लगाना बहुत ही निंदनीय है सरकार द्वारा शराब की फैक्ट्री पर 40% की सब्सिडी दी जा रही है उत्तराखंड में पूरी तरह से रोजगार खत्म हो रहा है क्या सरकार चाहती है कि शराब की फैक्ट्री से रोजगार बढ़ाएं संत समाज इसका पुरजोर विरोध कर रहा है तेरह अखाड़ों को हमारे द्वारा समर्थन के लिए लेटर भेजे गए हैं मगर वहा से भी कोई जवाब नहीं आया है यह सरकार राम के नाम पर जीत के आई है हिंदुओं द्वारा इस सरकार को पूरा समर्थन दिया गया है मगर देवभूमि में जिस तरह से यह सरकार कार्य कर रही है यह बहुत ही निंदनीय है और देवभूमि में शराब की फैक्ट्री बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी सरकार अगर अपने फैसले को नहीं बदलती है तो हम उत्तराखंड के साथ कई और प्रदेशों में भी साधु-संतों और कई हिंदू संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी

 

सरकार द्वारा देवप्रयाग में शराब की फैक्ट्री लगाने को लेकर अब सरकार के खिलाफ साधु संत और हिंदू संगठन खुलकर सामने आ गए हैं अब देखना होगा अपने आप को हिंदूवादी कहने वाली सरकार देवप्रयाग में शराब की फैक्ट्री पर प्रतिबंध लगाती है या नहीं यह देखने वाली बात होगी मगर आने वाले वक्त में उत्तराखंड सरकार की मुश्किलें जरूर बढ़ सकती है क्योंकि जिस तरह से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे साधु संत और हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो वह जल समाधि लेने को भी मजबूर हो जाएंगे मगर किसी भी हाल में देवप्रयाग में शराब की फैक्ट्री को लगने नहीं देंगे