गौवंश की सुरक्षा सवालों के घेरे में..........शादाब अली


यूपी हो चाहे उत्तराखण्ड पर उन्नाव में गौवंश की आज भी बेकद्री हो रही है। शासन प्रशासन गौवंश की सुरक्षा के लिए कितना सचेत है। इसका अंदाजा इससे आज भी लगाया जा सकता है कि यूपी में उन्नाव जिले में गोवंश की कोई भी सरकारी कर्मचारी हो या आम जनता का नागरिक कोई भी सुध लेने वाला नहीं है आखिर योगी आदित्यनाथ साहब ने गौशालाओं के लिए विधायक निधि से पैसा तो पास करा दिया है लेकिन पैसा भी उन गुंडे प्रधानों को दिया जा रहा है जो कि आए दिन गौशालाओं में गायों का मरने का ताता लगा हुआ है और इतना ही नहीं उन्नाव जिले की पुलिस भी पूरी तरह संलिप्त है वहीं दूसरी ओर शादाब अली ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारों पर होने वाले हमले को लेकर घोर निंदा की है उन्होंने अपने राष्ट्रीय  संरक्षक इंद्रेश कुमार जी व राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय गौ रक्षा वाहिनी के राकेश परिहार जी राष्ट्रीय महासचिव जीशान चौहान जी से एक अपील की है कि होने वाले पत्रकारों पर उत्पीड़न पर हम लोगों को खास ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि पत्रकार ही एक लोगों की समाज में आईना दिखाने का काम करता है और पत्रकार अगर किसी की सच्चाई को उजागर करता है तो पुलिस व सरकारी  कर्मचारी फर्जी मुकदमे लिख कर जेल भेज देते हैं यह पत्रकारों के लिए बड़े दुर्भाग्य की बात है क्योंकि पत्रकार एक चौथा स्तंभ कहलाने वाला पत्रकार दर-दर की ठोकरें खाकर अपनी खबर को कवरेज कर कर लाता है और फिर वह समाज को आईना दिखाने का काम करता है लेकिन जब कहीं उस पर कोई हमला होता है तो कोई भी पार्टियां उसके साथ नहीं खड़ी होती है उन्नाव जिले में तो भ्रष्टाचारी इतनी चरम पर है कि अधिकारी से लेकर शासन तक मोहन व्रत रखे हुए हैं और शादाब अली ने लगातार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ साहब को राज्यपाल साहब को कई बार फेक्श के माध्यम से अवगत कराया है कि गोवंश की बहुत ज्यादा बेकद्री हो रही है जोकि इस पर ध्यान देने की जरूरत है कई लोग तो सिर्फ दलाली का ठेका उठाएं घूम रहे हैं जिससे कि हमारा भारतीय गौ रक्षा वाहिनी संगठन भी बदनाम हो रहा है और उन्नाव जिले में शासन व प्रशासन को मेरा नंबर ओर मेरी ईमेल आईडी भी दी जाए ताकि हम लोगों को एक टोल फ्री नंबर दिया जाए जिससे कि गायों के साथ होने वाला अत्याचार को भी हम उजागर कर सकें और मुझे पूर्ण विश्वास है कि योगी साहब मेरी बात पर पूरा ध्यान देंगे मैं शादाब अली भारतीय गौ रक्षा वाहिनी से यूपी कार्यकारी अध्यक्ष व उत्तराखंड जनसंपर्क प्रमुख
 शादाब अली हमेशा से अपने एक निजी खर्चे से वाहन करा कर कई गाय यो को राहत बचाव मैं भिजवा चुके और अगर किसी भी गाय हो या बछड़ा टक्कर लगी थी उनको भी तत्काल उठवाकर उनके स्थान पर भिजवाया करते है ओर अपनी भागेदारी निभा रहे अब ऐसे में सावल ये उठता है की इनकी जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नही हुआ। उसके पश्चात खुद  शादाब अली ने उत्तराखंड पुलिस की मदद से उठवाया गया और उससे पहले भी चीता  पुलिस की मदद से उसे इलाज के लिए पहंुचाया। यहां गौरे काबिल है जबकि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र साहब को लिखित रूप में अवगत करा चुका हूं उसके बाद भी  शहर में जहां तहां गौवंश आवारा घूम रहा है। काम न होने के कारण बछड़ों को लोग पैदा होने के बाद उसे आवारा छोड दे रहे है या फिर उन्हे बेच दिया जाता है। जिससे गौवंश की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगे हुए है। इससे पहले भी कई ऐसे वाकया सामने आए जिसमें शासन प्रशासन की उदासीनता के चलते गौवंश की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गयी है।