तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की नशामुक्ति समिति की बैठक जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में आयोजित की गई।

 जिलाधिकारी सी  रविशंकर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तर पर गठित तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की नशामुक्ति समिति की बैठक जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में आयोजित की गई।
  बैठक में  जिला सलाहकार तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ अर्चना उनियाल द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से कोटपा ( सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद, विज्ञापन का प्रतिबंध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 की धाराओं के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर उल्लंघन करने पर किए गए चालान और टीम द्वारा की गई कार्रवाई के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में तथा विद्यालय में किए गए प्रचार- प्रसार और आगामी प्रशिक्षण और आगामी किए जाने वाले प्रयासों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया स             जिलाधिकारी ने जनपद प्रकोष्ठ से जुड़े चिकित्सा, पुलिस, नारकोटिक्स, आबकारी, खाद्य सुरक्षा, राष्ट्रीय क्राइम ब्यूरो (एनसीबी) इत्यादि विभागों को सम्मिलित रूप से जनपद में स्थित खाद्य, किराना, मेडिकल स्टोर, रेस्टोरेंट,  पान मसाला की दुकानों ढाबों- हुक्काबार इत्यादि सभी जगह लगातार औचक निरीक्षण करते हुए तंबाकू तथा किसी प्रकार की अनधिकृत नशायुक्त सामग्री को जब्त करते हुए जुर्माना तथा संगत धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई करते हुए कृत कार्रवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण तथा ग्राम सभा की खुली बैठक में तंबाकू नशामुक्ति की शपथ दिलवाई गई। साथ ही  विकासखंड की 6 ग्राम पंचायतों का चयन करते हुए जनपद प्रकोष्ठ के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करिकुलम बनाते हुए तंबाकू व नशामुक्ति का प्रशिक्षण और जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा उसके पश्चात सभी विकासखंडों के प्रत्येक गांव में इसी तरह नशामुक्ति अभियान को आगे चलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को स्कूली बच्चों को नशामुक्ति का संकल्प दिलवाने और परिसर में तंबाकू के दुष्परिणाम संबंधित पोस्टर बोर्ड चस्पा  करने जिस पर विद्यालय परिसर के 100 गज के भीतर नशा प्रतिबंधित संदेश चस्पा करने के निर्देश दिते हुए कहा कि सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को उनकी ओर से पत्र लिखकर आपील की जाय साथ ही पत्रों के प्रेक्षण का कार्य शिक्षा विभाग के द्वारा किया जाय।  उन्होंने जिला समन्वयक को शिक्षा व पंचायतराज  विभाग और  आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी कार्यालय  सहित सार्वजनिक स्थलों पर पब्लिक के संज्ञान हेतु एक स्टैंडर्ड साइज का साइनबोर्ड लगाने तथा वॉल पेंटिंग के माध्यम से पब्लिक के बीच तंबाकू और नशा मुक्ति का प्रचार- प्रसार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी द्वारा जनपद में नशामुक्ति के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु संबंधित क्षेत्रों के उप जिलाधिकारियों को तथा ऋषिकेश को पूरी तरह से तंबाकू मुक्त करने को नोडल अधिकारी  बनाया गया था जिनके द्वारा क्षेत्र में पान मसाले के साथ तंबाकू की बिक्री रोकने हेतु उसके सैंपल लेते हुए  जांच की कार्रवाई सम्पन्न की गई। जिलाधिकारी ने स्लम एरिया, हुक्काबारों तथा अन्य प्रतिष्ठानों जहां पर छोटे बच्चों द्वारा नशा आदि किया  जा रहा है ऐसे स्थानों पर लगातार छापेमारी करें तथा लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएं। बैठक में बताया गया कि एसजीआरआर गु्रप के सभी शिक्षण संस्थाओं को धुम्रपानमुक्त घोषित किया गया है। अभी तक कोटपा के तहत 1038 लोगों के चालान कर 1,15,271 रू0 का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। 
इस अवसर पर अपर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी उत्तम चैहान, सीओ पल्लवी त्यागी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।