अधिकारियों को गरीब-दुःखियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिये- राज्यपाल


राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य से गुरूवार को राजभवन में उत्तराखण्ड सिविल एवं राज्याधीन सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों के बैच ने शिष्टाचार भेंट की। 48 अधिकारियों का यह दल अभी ए.टी.आई नैनीताल में तीन माह का आधारभूत(फाउण्डेशन) प्रशिक्षण ले रहा है। इन अधिकारियों में डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, वित्त अधिकारी, जेल अधीक्षक, सहायक नगर आयुक्त, सहायक आयुक्त(कर) आदि सेवाओं के अधिकारी सम्मिलित हैं।
राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें निष्पक्षता के साथ बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा करनी चाहिये। प्रशिक्षु अधिकारी के एक प्रश्न के उत्तर में राज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों को राजनैतिक नेतृत्व के साथ ताल-मेल बनाकर कार्य करना चाहिये लेकिन कभी किसी के अनैतिक दबाव में नहीं आना चाहिये। अपने दायित्वों का नियमों-कानूनों के अधीन जनहित की भावना को सर्वोपरि रखते हुए पालन करना चाहिए। अधिकारियों को व्यवहार कुशल तथा गरीबों-दुःखियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने महिला अधिकारियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करें तथा उनकी आवाज बनें। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी पद का लाभ तभी है जब उस पर बैठने वाला गरीबों, वंचितों तथा पीड़ितों की सहायता करे।
सचिव राज्यपाल श्री आर.के.सुधांशु ने कहा कि अधिकारियों को इनोवेशन और आई.टी के प्रति जागरूक होना चाहिये।
ए.टी.आई के निदेशक श्री राजीव रौतेला ने 14वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षु अधिकारियों को विधानसभा सहित देहरादून के अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों का भ्रमण कराया जायेगा। उन्होंने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। इस अवसर पर ए.टी.आई के संयुक्त निदेशक श्री नवनीत पाण्डे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।