शीतलहर की चपेट में हिमाचल, पांच एनएच समेत 493 सड़कें ठप

 हिमाचल में 48 घंटों से मैदानों में बारिश और चोटियों में बर्फबारी का दौर जारी है। कड़ाके की ठंड से जूझ रहे हिमाचल में पांच एनएच सहित 493 छोटी-बड़ी सड़कें मंगलवार को भी यातायात के लिए ठप रहीं। प्रदेश में जारी बर्फबारी से एक दर्जन इलाकों का संपर्क कट गया है। एचआरटीसी की छह दर्जन बसें विभिन्न जगह फंस गई हैं। मंगलवार को निगम के 200 रूट प्रभावित रहे। कई इलाकों में बिजली-पानी की सप्लाई बंद है। खून जमा देने वाली शीतलहर में लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मंगलवार को प्रदेश का अधिकतम तापमान आठ डिग्री कम हो गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने के आसार जताए हैं। हिमाचल में 9 और 10 जनवरी को धूप खिलने का पूर्वानुमान है। 11 से 13 जनवरी तक दोबारा बारिश-बर्फबारी की संभावना है। राजधानी शिमला में मंगलवार को दिन भर मूसलाधार बारिश और हल्की बर्फबारी भी हुई। किन्नौर और ऊपरी शिमला सहित आउटर सिराज के ऊंचे इलाकों में सुबह बर्फबारी हुई। पश्चिमी विक्षोभ के कारण तीसरे दिन मंगलवार सुबह से कुल्लू व लाहौल के निचले क्षेत्रों में बारिश, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। मनाली से सोलंगनाला का संपर्क कट गया है। कुल्लू के कई हिस्सों में जनजीवन अस्तव्यस्त है। मनाली-लेह, शिमला-रामपुर, रामपुर-किन्नौर, औट-लूहरी और चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे अवरुद्ध रहे। लाहौल के लिए हवाई उड़ानें तीन दिन से बंद हैं। बर्फबारी के चलते परिवहन निगम की विभिन्न क्षेत्रों में 70 बसें फंसी हैं। कांगड़ा जिले में भी मंगलवार को बारिश जारी रही। धौलाधार पर्वत बर्फबारी से लकदक है। छोटा भंगाल घाटी के दुर्गम गांवों में चारा, सर्दियों का राशन भी अभी एकत्र नहीं किया है। जिला मंडी में 51 मार्ग सड़कें बंद हैं। सीएम का गृह क्षेत्र सराज शेष जिले से कट गया है। सड़कों को बहाल करने को लेकर लोक निर्माण विभाग ने विभिन्न स्थानों में 400 मशीनरियां लगाई हैं। विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द हैं।