विधानसभा क्षेत्र में लगी धारा 144 देखे आखिर क्यों

जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अवगत कराया है कि विधानसभा उत्तराखण्ड का सत्र 7 जनवरी 2020 से प्रारम्भ हो रहा है।  वर्तमान समय में जनपद में विभिन्न संगठनों तथा समुदायों द्वारा प्रदर्शन, धरना, अनशन एवं अन्य प्रकार की गतिविधियों के कारण शान्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने की सम्भावना के चलते जनपद में विधानसभा परिसर के चारों ओर 300 मीटर की परिधि में शान्ति व्यवस्था कायम रखने हेतु दण्ड प्रकिया संहिता की धारा 144 तत्काल प्रभाव से  लागू करने के आदेश पारित किये गये है।
उक्त क्षेत्रान्तर्गत कोई भी व्यक्ति अग्नेयास्त्र, लाठी, हाकी स्टिक, तलवार अथवा तेजधार वाला अस्त्र-शस्त्र एव बम पटाका इत्यादि बारूद वाले अस्त्र, जिसका प्रयोग हिंसा के लिए किया जाता है को साथ लेकर नही चलेगा साथ इस परिधि में ईंट, रोड़ा पत्थर आदि एकत्रित नही करेगा। उक्त अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की नारेबाजी एवं लाउडस्पीकर का प्रयोग, सरकारी भवनों में नारे इत्यादि लिखना, साम्प्रदायिक भावना भड़काने वाले उत्तेजक भाषण करना, किसी भी प्रकार के भ्रामक साहित्य का प्रचार-प्रसार इत्यादि प्रतिबन्धित है। उक्त क्षेत्रान्तर्गत किसी सार्वजनिक स्थान पर चैराहों पर पांच अथवा उससे अधिक व्यक्ति एकत्रित नही होंगे। इस परिधि में किसी भी प्रकार के बसों, टेªक्टर ट्रालियों अथवा चैपहिया एवं दुपहिया वाहनों के जुलूस की शक्ल में एकत्र होने पर प्रतिबन्ध रहेगा साथ ही जुलूस अथवा सार्वजनिक सभा का आयोजन बिना पूर्व अनुमति के नही किया जायेगा। उक्त आदेश 07 जनवरी 2020 से विधानसभा सत्र की समाप्ति तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों का उल्लंघन भा0द0स0 की धारा 188 के अधीन दण्डनीय अपराध होगा।