श्री राम फाइनेंस के गुंडों ने की बस हाइजेक कम्पनी पर हुआ मुकदमा दर्ज

आगरा: गुरुग्राम से मध्य प्रदेश के पन्ना के लिए चली कल्पना ट्रेवल्स की बस को हाईजैक करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा हैं कि बस को श्रीराम फाइनेंस के कर्मचारियों ने हाईजैक किया है। इसका कारण मालिक द्वारा बस की किस्त न जमा करना बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फाइनेंस कर्मचारी बस को अगवा करने बाद सभी यात्रियों को झांसी के लिए दूसरी बस में बैठकर आगे के लिए रवाना रवाना हो गए है। जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमे जुटी हुई है‚ लेकिन अभी बस पकड़ में नही आई है।


 


पुलिस का दावा है कि दूसरी बस में बैठने के बाद सभी यात्री अपने-अपने घर सुरक्षित पहुंच गए है। आगरा के क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर कमलेश सिंह ने बस में यात्रा कर रहे कुछ यात्रियों से बात की है‚ जिसमें यात्रियों के मउरानीपुर पहुंचने और झांसी से दूसरी बस बैठाए जाने की पुष्टि की है। हालांकि कुछ यात्रियों के बीच में ही उतरने की बात भी सामने आई है।


 


दरअसल बस मालिक का नाम अशोक अरोड़ा है जो ग्वालियर के रहने वाले हैं, उनके पास लगभग 250 बसें हैं। अशोक अरोड़ा की कल्पना ट्रेवल्स नाम की बस सर्विस है। इनमें से कई गाडियां श्री राम फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस कराई गई है। लेकिन लॉकडाउन की वजह से इन गाड़ियों की किस्त जमा नही हो पा रही है।


सूत्रा द्वारा जानकारी मिली है कि अशोक अरोड़ा की मंगलवार को ही मौत हुई है‚ उनकी मौत के बाद फाइनेंस कंपनी उनकी बसों को खींच रही है। अशोक अरोड़ा की बेटी का नाम कल्पना है‚ जिसकी शादी इटावा में हुई है। अगवा की गई बस इटावा नंबर की है, जिसका सुराग अभी तक नहीं मिल पाया है।


 


पूरे मामले की गूंज शासन तक पहुंच चुकी है। मामले में सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि श्रीराम फाइनेंस के कर्मचारियों ने गुंडों वाली हरकत की है‚ ऐसे में एफआईआर दर्ज कर ली गई है जल्द ही कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


आपको  बता दे कि श्रीराम फाइनेंस कंपनी (Shri Ram Finance Company) के गुंडों द्वारा मंगलवार देर रात यात्रियों सहित बस को ‘हाईजैक’ (Bus Hijack) कर लिया गया था। बस मंगलवार शाम 3 बजे गुरुग्राम से मध्य प्रदेश के पन्ना के लिए चली थी। रात करीब 11 बजे आगरा पहुंची तो यहां से फाइनेंस कंपनी के ‘गुंडों ने ड्राइवर और कंडक्टर को उतारकर बस को कब्जे में ले लिया। इसके बाद आगरा में ही यात्रियों को झांसी के लिए दूसरी बस में बैठकर आगे के लिए रवाना हो गए।